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भड़ास

ज्ञानदत्त पाण्डेय जी ,आपने लिखा ...
अपने ब्लॉग को फलता फूलता देखना चाहते हैं तो न केवल आपको अपने ब्लॉग का लेखन स्तर, उसकी विषय वस्तु, लेखन की आवृति, नियमितता, अपनी टिप्पणियों का स्प्रेड और उनकी गुणवत्ता पर ध्यान देना होगा, वरन आप किस प्रकार अपनी पोस्ट और अपना ब्लॉग परोस रहे हैं - उसके प्रति भी सजग रहना होगा।
नोट- सक्रियता क्र. में 50 के अन्दर जितने भी ब्लाग है उनका स्तर ,गुणवत्ता कैसा है ।यह तो देखकर पता चलता है कि निम्न स्तर की सामग्री देते है और पसंद दिखाते है 60 की है । खुद क्लिक करके उसको आगे बढ़ाते है ।कुछ ब्लाग अडंर 50 अच्छे भी है जैसे रचनाकार ।फीडजिट लगाये पता लग जायेगा । मुझे लगता है कि जोड़तोड़ राजनीति इसमें भी है । सक्रियता क्या होती है 3 दिन में पोस्ट करते है दिखाते सक्रियता क्र.70 । मैंने लगभग 3महीने में 280 रचना पोस्ट किया सक्रियता क्र.140 है । अब मैं सक्रियता क्या समझू । बताये ।

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साक्षात्कार जनसंचार का अनिवार्य अंग है। प्रत्येक जनसंचारकर्मी को समाचार से संबद्ध व्यक्तियों का साक्षात्कार लेना आना चाहिए, चाहे वह टेलीविजन-रेडियो का प्रतिनिधि हो, किसी पत्र-पत्रिका का संपादक, उपसंपादक, संवाददाता। साक्षात्कार लेना एक कला है। इस विधा को जनसंचारकर्मियों के अतिरिक्त साहित्यकारों ने भी अपनाया है। विश्व के प्रत्येक क्षेत्र में, हर भाषा में साक्षात्कार लिए जाते हैं। पत्र-पत्रिका, आकाशवाणी, दूरदर्शन, टेलीविजन के अन्य चैनलों में साक्षात्कार देखे जा सकते हैं। फोन, ई-मेल, इंटरनेट और फैक्स के माध्यम से विश्व के किसी भी स्थान से साक्षात्कार लिया जा सकता है। अंतरिक्ष में संपर्क स्थापित कर सकते हैं। पहली बार पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमति इंदिरा गांधी ने अंतरिक्ष यात्री कैप्टन राकेश शर्मा से संवाद किया था, जिसे दूरदर्शन ने प्रसारित किया था। इस विधा का दिन पर दिन प्रचलन बढ़ता जा रहा है।
मनुष्य में दो प्रकार की प्रवृत्तियाँ होती हैं। एक तो यह कि वह दूसरों के विषय में सब कुछ जान लेना चाहता है और दूसरी यह कि वह अपने विषय में या अपने विचार दूसरों को बता देना चाहता है। अपने अनुभ…

हिन्दी साक्षात्कार विधा : स्वरूप एवं संभावनाएँ

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प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से संबंधित साक्षात्कार की सैद्धान्तिकी में अंतर

विज्ञान भूषण
अंग्रेजी शब्द ‘इन्टरव्यू' के शब्दार्थ के रूप में, साक्षात्कार शब्द का प्रयोग किया जाता है। इसका सीधा आशय साक्षात्‌ कराना तथा साक्षात्‌ करना से होता है। इस तरह ये स्पष्ट है कि साक्षात्कार वह प्रक्रिया है जो व्यक्ति विशेष को साक्षात्‌ करा दे। गहरे अर्थों में साक्षात्‌ कराने का मतलब किसी अभीष्ट व्यक्ति के अन्तस्‌ का अवलोकन करना होता है। किसी भी क्षेत्र विशेष में चर्चित या विशिष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले व्यक्ति के सम्पूर्ण व्यक्तित्व और कृतित्व की जानकारी जिस विधि के द्वारा प्राप्त की जाती है उसे ही साक्षात्कार कहते हैं।
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