Thursday, May 15, 2008

सफ़द

सलेम जुबरान
फ़िलीस्तीनी कवि
अनुवादक अनिल जनविजय


मैं एक अजनबी हूँ सफ़द
और तुम भी

मुझे देख मुस्कराते हैं मकान
पर उनके निवासी
मुझे बाहर फेंक देते हैं

क्यों घूम रहे हो तुम
ओ अरब ! क्यों ?
अब क्या कोई उत्तर नहीं देगा
तुम्हारे अभिवादन का

तुम्हारे सम्बन्धी
जो कभी रहते थे यहाँ
उड़ गए न जाने कहाँ

और अब मेरे होंठों पर शोकगीत हैं
मेरी आँखों में है एक शेर का अपमान
प्रिय सफ़द
विदा
विदा

*सफ़द--- इस्राइल अधिकृत एक फ़िलीस्तीनी शहर, जो कवि सलेम जुबरान का जन्मनगर है।००