सलेम जुबरान
फ़िलीस्तीनी कवि
अनुवादक अनिल जनविजय
मैं एक अजनबी हूँ सफ़द
और तुम भी
मुझे देख मुस्कराते हैं मकान
पर उनके निवासी
मुझे बाहर फेंक देते हैं
क्यों घूम रहे हो तुम
ओ अरब ! क्यों ?
अब क्या कोई उत्तर नहीं देगा
तुम्हारे अभिवादन का
तुम्हारे सम्बन्धी
जो कभी रहते थे यहाँ
उड़ गए न जाने कहाँ
और अब मेरे होंठों पर शोकगीत हैं
मेरी आँखों में है एक शेर का अपमान
प्रिय सफ़द
विदा
विदा
*सफ़द--- इस्राइल अधिकृत एक फ़िलीस्तीनी शहर, जो कवि सलेम जुबरान का जन्मनगर है।००
Thursday, May 15, 2008
सफ़द
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1 टिप्पणियाँ:
sunder rachna
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