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कथाकार/संपादक सुभाष अखिल से फ़ीरोज़ और डॉ. शमीम की बातचीत

कथाकार/संपादकसुभाषअखिलसेफ़ीरोज़औरडॉ. शमीमकीबातचीत
आपअपनेजन्मस्थान, घर-परिवारऔरपारिवारिकपृष्ठभूमिकेबारेमेंबताएँ। मेराजन्मअवश्यदिल्लीमेंहुआ, मगरहमलगभग 350 वर्षोंसेग़ाज़ियाबादनिवासीहैं।पिताजीभारतसरकारमेंराजपत्रितअधिकारीथे।लिहाजामेरीपढ़ाई-लिखाईऔरपरवरिशदिल्लीमेंहीहुई।मैंनेदिल्लीविश्वविद्यालयसे 1978-79 मेंएम.ए. कियाऔरफिरपी.एच-डी. करनेकेदौरानदिल्लीमेंऑटोभीचलाया।इसकेबाददिल्लीप्रेसपत्राप्रकाशनसमूहमेंपत्राकारबनजानेकेबादपी.एच-डी. छूटगई। मैंने 10वींकक्षासेहीलेखनकार्यशुरूकरदियाथा।लेखनकेस