Monday, May 12, 2008

मैं एशियाई हूँ

राशिद हुसैन
फ़िलीस्तीनी कवि
अनुवादक अनिल जनविजय
मैं एशियाई हूँ
समय की देरी से विद्रोह करने वालों का
प्रेम और रक्त हूँ
उनकी प्रेरणा का संयम हूँ

मैं विद्रोही गोलियों की कर्कश आवाज़ हूँ
अपने उन मालिकों के विरुद्ध
जिन्होंने कल तक नहीं देखा था
मेरे भूखे, थके हुए, क्लान्त और निर्वासित लोगों को
सिर्फ़ जाना था मेरी बहुमूल्य निधियों को

पर आज जो
स्वीकारते हैं
एशिया की धरती की गरिमा
और उसके गौरव को
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