Sunday, May 4, 2008

तांडव

नदीम अहमद

घर की सारी व्यवस्था अस्त-व्यस्त, घर का हर प्राणी बेहाल, हैरान, परेशान, पूरा दिन हो गया, चूहे ने भी मानों सबको परेशान करने का मन बना रखा हो। उछल-कूद मचाता हुआ पूरे घर की सैर करने में लगा था। घर के लोगों ने अनेक उपाय किए लेकिन विफल।
आंगन में लगा बूढ़ा पेड़ शान्त भाव से यह सब देख रहा था और सोच रहा था कि एक तरफ चूहे से घर के हट्टे-कट्टे लोग आजिज आ हुए हैं और दूसरी और इस देश में आतंकवाद, गरीबी भूखमरी वैमनस्या के दानव खुलेआम तांडव मचा रहे हैं, उनका क्या ?
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