Saturday, May 3, 2008

खांचों में बंटा आदमी

नदीम अहमद
थुलथुले शरीर वाले सेठजी को मंदिर की सीढ़ियों से उतरकर गरीबों को पैसे बांटते और गायों को गुड़ खिलाते देखकर उधर से गुजर रही वो तवायफ ठिठक गई। उसकी आंखों के आगे पिछली रात का मंजर उभर आया जब ये सेठ किसी पालतु कुत्ते की तरह उसके तलवे चाट रहा था।

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