Wednesday, April 23, 2008

कविता

वेद पी० शर्मा
ईश्वर सर्वशक्तिमान नहीं
यदि है तो दे भूखे को रोटी, नंगे को कपड़ा
बेघर को घर ।
नहीं दे सकता ।
दे सकता है मंदिर मस्जिद के नाम पर दंगे
पुरोहित शूद्रों के बहाने इंसानों में भेद
ईश्वर तो मुद्दा है राजनैतिक सत्ता पाने का।
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