Thursday, April 3, 2008

गज़ल

अतुल अजनबी (ग्वालियर)
उसके हक में गलत फैसला हो गया
देखते देखते क्या से क्या हो गया
जाने क्या मुझपे जादू किया आपने
इक मुलाकात में आपका हो गया
धूप चेहरे पर जब भी पड़ी आपके
सारा मंजर लगा आइना हो गया
उसकी जादूगरी थी कि धोका हुआ
सामने था मेरे और हवा हो गया
एक मुद्दत से वो साथ में था मेरे
एक लम्हे में मुझसे जुदा हो गया
मैं रहॅू 'अजनबी' ये अलग बात है
फन मेरा हर किसी को पता हो गया
**************************************

No comments: