Saturday, April 5, 2008

लिखोगे किस्मत

Aithihya A .V
क्यों पूछते है हम किस्मत को,
जब सोचना हमें है,
जब करना हमें है,
जब भूगतना हमें है,
ये दुनिया डरनेवालों के लिए नहीं,
ये दुनिया है स्वतंत्र दिलों वालों के लिए
हमारे लिए .............................
आज हम आजाद है,
हमें रोकता कौन है?
सफलता और ज्ञान वरदान है
आज अपने कदम रोकना मौत की जिन्दगी है,
किस्मत को जब आजमाना है, तो
लिखो ........... एक नया किस्मत
अपने कर्मों से ..... किसी के लिए
एक खुशियों भरी किस्मत
जिससे होगी किस्मत हमारी मुट्ठी में
********************************

No comments: