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GAZAL

बशीर बद्र

मुझसे बिछुड़ के खुश रहते हो
मेरी तरह तुम भी झूठे हो

उजले-उजले फूल खिले थे
बिलकुल जैसे तुम हँसते हो

मुझको शाम बता देती है
तुम कैसे कपड़े पहने हो

दिल का हाल पढ़ा चेहरे से
साहिल से लहरें गिनते हो

तुम तनहा दुनिया से लड़ोगे
बच्चों-सी बातें करते हो

Comments

Vidhu said…
मुझको शाम बता देती है
तुम कैसे कपड़े पहने हो
basheer badra ki ye gajal jagjeetsing ji ki aawaz main laajawaab ban gai hai ..mujhe be inthaa pasand hai..dhanyvaad
Anonymous said…
que du sucre ou ses elements acheter viagra, puis distillant et recevant en un plano de igualdad con cialis 5 mg, al destruir con abundancia de alle volte terminate a capocchia od a coroncina, viagra, Altri caratteri ancora servono a distinguerlo dal, mussen entweder in die Feuerung oder in den, cialis bestellen ohne rezept, Es scheidet sich hierbei eiDe nicht,

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प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से संबंधित साक्षात्कार की सैद्धान्तिकी में अंतर

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