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समय

शैलेन्द्र

समय को गले नहीं लगाया
उसके सिर पर नहीं फेरा हाथ
पीठ भी नहीं थपथपाई उसकी
धड़कनों को महसूस नहीं किया
सीने में समय ने भी ऐसा ही सलूक किया
उसने छोड़ दिया साथ

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