Saturday, September 13, 2008

आशनाई

सीमा गुप्ता





'नज़र से नज़र"
कभी मिलाई तो होती....
दिल की बात कभी हमसे भी,
बनाई तो होती....
क्यूँ कर रही शबे-फुरकत से'
आशनाई सारी रात.....
कभी मेरी तरह अंधेरों मे,
"आईने से आंख लडाई तो होती "

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