Saturday, September 20, 2008

खुदगर्ज

सीमा गुप्ता

उसकी खैरियत की ख़बर हो जाती मुझको,
एक बार अगर मेरे हालत का जयाजा लेता...
बडा ही "खुदगर्ज" रहा था वो हर तकाजे मे,
"मुझे गुमान हो उसकी सलामती का भी "
कैसे मगर इतना भी वो मेरा एहसान लेता???

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