Sunday, September 21, 2008

रूरू रू..... रूरू रू.... रूरू रू....

गरिमा तिवारी

लल्ला लल्ला लल्ला ल ला ला ल ला ला

जब हम तुम किसी दिन कही पर मिलेंगे
कुछ दिल से कहेंगे कुछ दिल से सुनेंगे
न सपनो की दुनिया, न परियों सी कहानी
नही चाहिये कोई ख्वाब सूहानी
हम तुम चलेंगे इक ऐसी गली मे
होगी जहाँ सिर्फ दिल की कहानी
न ख्वाबो मे आना, न दिल से तुम जाना
रहेंगे हम हरदम बनके दिल की निशानी
लल्ला लल्ला लल्ला ल ला ला
हम्मह हम्मह हम्मह ह्म ह्म ह


जब हम तुम किसी दिन कही पर मिलेंगे
कुछ दिल से कहेंगे कुछ दिल से सुनेंगे
होगी आँखो मे बाते, ना होंगी जुबानी
ना कोई शिकायत ना रूसवा कहानी
ना लेना, ना देना, ना ही कोई वादा
होगी मुहब्बत दिल से सीधी साधी
ना रस्मो के बन्धन, ना ही कच्चे धागे
ना ही टूटने का कोई डर हो आगे

रूरू रू... रूरू रू.... रूरू रू

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