Thursday, September 11, 2008

दरिया की कहानी

सीमा गुप्ता

चश्मे-पुरआब के आगे,
क्या होगी किसी दरिया की रवानी,
रु-ऐ-चश्मतर के आगोश मे पढ़ ले,
हर दरिया की कहानी
(रु-ऐ-चश्मतर- भीगी आंख)
(चश्मे-पुरआब- आंसू भरी आँख)

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