Sunday, October 24, 2010

वाङ्मय त्रैमासिक

शोध आलेख/आलेख

डा. परमेश्वरी शर्मा/राजिन्दर कौर

देह और देश के दोराहे पर अज़ीजु़न/10

डा. शान्ती नायर

नगाड़े की तरह बजते शब्द/19

वंदना शर्मा

रामचरितमानस की काव्यभाषा में रस का स्वरूप/26

डा. मजीद शेख

साहित्य सम्राट: मंुशी प्रेमचंद/31

अंबुजा एन. मलखेडकर

मीराकान्त: एक सवेदनशील रचनाकार/36

मो. आसिफ खान/ भानू चैहान

काला चांद: एक विवेचन/39

डा. रिपुदमन सिंह यादव

समकालीन परिप्रेक्ष्य में हिन्दी की दशा एवं दिशा/42

सलीम आय. मुजावर

डा. राही मासूम रजा के कथा साहित्य में विवाह के प्रति बदलते दृष्टिकोण/45

डा.एन.टी. गामीत

मन्नू भंडारी की कहानियों में आधुनिक मूल्यबोध/50

कविता/ग़ज़ल/आपबीती

संजीव ठाकुर

खूनी दरवाज़ा/53

अलकबीर

भारतबासी- 1/30 भारतबासी- 2/59 भारतबासी- 3/54

डा. मधू अग्रवाल

आज़ादी/44

विजय रंजन

ज़िंदगी/35

मूलचन्द सोनकर

लोग अम्बेडकर जयन्ती मनाते रहे और मैं अपने नवजात श्वान-शिशु का प्राण बचाने...../55

लुघकथा/कहानी

अशफाक कादरी की लुघकथाएं/60

नदीम अहमद ‘नदीम’ की लुघकथाएं/61

जयश्री राय

उसके हिस्से का सुख/62

पुस्तक समीक्षा

चक्कर (कहानी-संग्रह) समीक्षक- शिवचंद प्रसाद/66

विरह के रंग(कविता-संग्रह),चाँद पर चाँदनी नहीं होती (ग़ज़ल-संग्रह), समीक्षक- मो. अरशद/69

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