Wednesday, November 26, 2008

जिज्ञासा

अशोक चक्रधर

कितनी रोटी
गाँव में अकाल था,
बुरा हाल था।
एक बुढ़ऊ ने
समय बिताने को,
यों ही पूछा
मन बहलाने को-
ख़ाली पेट पर
कितनी रोटी खा सकते हो
गंगानाथ ?
गंगानाथ बोला-
सात !
बुढ़ऊ बोला-
ग़लत !
बिलकुल ग़लत कहा,
पहली रोटी
खाने के बाद
पेट ख़ाली कहाँ रहा।
गंगानाथ,
यही तो मलाल है,
इस समय तो
सिर्फ़ एक रोटी का सवाल है।

1 comment:

Vijay Kumar Sappatti said...

bahut umda, sirf ek roti ka hi to sawal hai hamaare desh mein .

badhai

vijay