सीमा गुप्ता
राह पे पथरा के बर्फ सी जम गयी नजर ,
पलट के एक बार भी ना देखा,
जाते- जाते किस अदा से कहर ढा गया..
जो कहता था मुझे कभी अपनी जाने जिगर ...
राह पे पथरा के बर्फ सी जम गयी नजर ,
पलट के एक बार भी ना देखा,
जाते- जाते किस अदा से कहर ढा गया..
जो कहता था मुझे कभी अपनी जाने जिगर ...
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