अब तो धरती अपनी, अपना आकाश है! . सूर्य उगा लो फैला सर्वत्र प्रकाश है! . स्वधीन रहेंगे सदा-सदा पूरा विश्वास है! . मानव-विकास का चक्र न पीछे मुड़ता साक्षी इतिहास है! . यह प्रयोग-सिद्ध तत्व-ज्ञान हमारे पास है! .
सुन्दर ब्लॉग...सुन्दर रचना...बधाई !! ----------------------------------- 60 वें गणतंत्र दिवस के पावन-पर्व पर आपको ढेरों शुभकामनायें !! ''शब्द-शिखर'' पर ''लोक चेतना में स्वाधीनता की लय" के माध्यम से इसे महसूस करें और अपनी राय दें !!!
3 टिप्पणियाँ:
आपको गणतंत्र दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएं।
सुन्दर ब्लॉग...सुन्दर रचना...बधाई !!
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60 वें गणतंत्र दिवस के पावन-पर्व पर आपको ढेरों शुभकामनायें !! ''शब्द-शिखर'' पर ''लोक चेतना में स्वाधीनता की लय" के माध्यम से इसे महसूस करें और अपनी राय दें !!!
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ
---आपका हार्दिक स्वागत है
गुलाबी कोंपलें
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