Saturday, January 24, 2009

अपहर्ता

डा. महेंद्रभटनागर,

धूर्त —
सरल दुर्बल को
ठगने
धोखा देने
बैठे हैं तैयार!
.
धूर्त —
लगाये घात,
छिपे
इर्द-गिर्द
करने गहरे वार!
.
धूर्त —
फ़रेबी कपटी
चैकन्ने
करने छीना-झपटी,
लूट-मार
हाथ-सफ़ाई
चतुराई
या
सीधे मुष्टि-प्रहार!
.
धूर्त —
हड़पने धन-दौलत
पुरखों की वैध विरासत
हथियाने माल-टाल
कर दूषित बुद्वि-प्रयोग!
.
धृष्ट,
दुःसाहसी,
निडर!
.
बना रहे
छद्म लेख-प्रलेख!
.
चमत्कार!
विचित्र चमत्कार!
.

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