Sunday, January 4, 2009

-राजेन्द्र राज

-राजेन्द्र राज

गली के कुत्तों ने फिर
मियाँ को पार्क पहुँचाया
बूढ़े घोड़े की पीठ पर
जैसे किसी ने चाबुक बरसाया

2 comments:

Mired Mirage said...

बढ़िया !
घुघूती बासूती

विनय said...

बढ़िया है, भई!