वाङ्मय हिन्दी पत्रिका ( vangmay-patrika aligarh)
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Tuesday, December 28, 2010
मुझे जन्म लेने दो
नग़मा जावेद
माँ!
पिताजी कहते हैं।
उन्हें लड़की नहीं चाहिए।
तुम डरी-डरी सी
जी रही हो....
अगर
पैदा हुई लड़की
तो क्या होंगा?
माँ!
मत डरो-
मुझे जन्म लेने दो
मैं-
अपनी लड़ाई
खुद लडूँगी।
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