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"तेरी याद में"

SEEMA GUPTA

तेरी ग़ज़लों को पढ़ रहा हूँ मैं ,
और तेरी याद में शिद्दत है बहुत
जैसे तुझसे ही मिल रहा हूँ मैं,
और तेरे प्यार में राहत है बहुत
वो तेरे वस्ल का दिन याद आया,
मुझ पे अल्लाह की रहमत है बहुत
तुझसे मिलाने को तरसता हूँ मैं,
मेरी जान तुझ से मुहब्बत है बहुत
तेरे अंदाज़ में ख़ुद को देखा,
हाँ तुझे मेरी ही चाहत है बहुत

Comments

makrand said…
bahut sunder rachana
shubkamnaye

तेरे अंदाज़ में ख़ुद को देखा,
हाँ तुझे मेरी ही चाहत है बहुत

regards
i feel and learnig to combine such words but could nt succussed

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