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"इंतज़ार"

सीमा गुप्ता


"तुझको है इंतज़ार लफ्जों का,
हम तेरा इंतज़ार करते हैं
दिल पे एक बोझ सा हमारे है,
कह के कुछ अश्कबार करते हैं
लफ्ज़ पूरे कहाँ हैं कहने को,
हम तुझे इतना प्यार करते हैं
अब तखय्युल मैं तुम ही बसते हो,
हम जो बातें हज़ार करते हैं
तेरे होटों को है सलाम उनका,
हम तेरे लिए दुआ बेशुमार करते हैं
एक "मुलाकात " ही तो है बाकी,
हम बहुत इंतज़ार करते हैं "

Comments

बहुत सुंदर। अच्छे भाव।
वर्षा said…
अच्छा है

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