Friday, August 8, 2008

आरक्षण

ई. भारत रत्न गौड़

जब से देश में आया ये आरक्षण
इस देश का भक्षक बन गया ये आरक्षण
पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण
दिख रहे हैं देश विभाजन के लक्षण
पहले थे सिर्फ हिन्दु,मुस्लिम,सिक्ख और ईसाई
कहते थे हम सब जिनको भाई भाई
आरक्षण से अब ये कहावतें बदल गईं
चार नही चालीस जातियां बन गईं
सीमाएं जातियों से विभाजित हो गईं
नेताओं की भी सीटें आरक्षित हो गईं
जातियों के दम पें जीत सुनिश्चित हो गई
नेता फेंक रहे हैं ये कैसी कैसी गोटियां
आरक्षितों के मुंह में दे रहे हैं बोटियां
आबाद कर दी इनकी पीढ़ियों की पीढ़ियां
बुद्धिजीवियों पर लगा रहे हैं कसोटियां
और फाड़ रहे हैं इनकी लंगोटियां
दुनियां में जाना जाने वाला सोने की चिड़िया
बरबाद कर दी इसकी पीढ़ियों की पीढ़ियां
पहलें सुना था सिर्फ रेल और बस में आरक्षण
आलकल पैदा होते ही सुनिश्चित है आरक्षण
इंजनीयरिंग और डॉक्टरी में आरक्षण
राजनीति और उच्च शिक्षा में आरक्षण
नौकरी और पदोन्नति में भी आरक्षण
यहां वहां सब जगह मिलता है आरक्षण
नहीं है तो केवल जीने मरने में आरक्षण
नेताओं को नहीं दिया गया ऐसा प्रशिक्षण
नहीं तो ये दे दें जीने मरने में भी आरक्षण

No comments: