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अश्कों का दिया

SEEMA GUPTA

रात गमगीन रही
दिल वीरान रहा
कितना खामोश ये आसमान रहा
सिसकियों की सरगोशियाँ उफ़
"अश्कों का दिया "
अंधेरों मे मेहरबान रहा

Comments

seema gupta said…
" thanyou very much for publishing my poem here"

Regards
"अश्कों का दिया "
अंधेरों मे मेहरबान रहा
bahut khoob

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