Friday, February 27, 2009

चुनावी गणित

नदीम अहमद नदीम






मंगतू का नाम निर्दलीय प्रत्याशियों में देखकर मुझे बहुत हैरत हुई क्योंकि मंगतू तो पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी खास गुर्गा हुआ करता था। अब उन्हीं को गालियां बकते हुए चुनाव मैदान में.....।
मेरे मित्र ने लापरवाही से कहा सब चुनावी गणित है।
वो कैसे?
मंगतू की जाति बिरादरी वालों के इस क्षेत्र में खासे वोट हैं जो इस बार मिस्टर एक्स से नाराज हैं। इसलिए मिस्टर एक्स ने ही मंगतू को सिखा पढ़ाकर निर्दलीय प्रत्याशी बनाया ताकि नाराज वोटों को विरोधी खेमे में जाने से रोका जा सके।
चुनावी गणित की यह आंकड़ेबाजी क्या वाकई लोकतंत्र को मजबूत कर रही है अगर सोचता रहूं तो बस सोचता ही रहूं।

जैनब कॉटेज, बड़ी कर्बला मार्ग, चौखूंटी, बीकानेर-०१

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