Thursday, November 18, 2010

नासिरा शर्मा एक मूल्यांकन

नासिरा शर्मा एक मूल्यांकन


अनुक्रम



सम्पादकीय


नासिरा शर्मा : मेरे जीवन पर किसी का हस्ताक्षर नहीं


सुदेश बत्राा : नासिरा शर्मा - जितना मैंने जाना


ललित मंडोरा : अद्भुत जीवट की महिला नासिरा शर्मा


अशोक तिवारी : तनी हुई मुट्ठी में बेहतर दुनिया के सपने


शीबा असलम फहमी : नासिरा शर्मा के बहाने


अर्चना बंसल : अतीत और भविष्य का दस्तावेज : कुइयाँजान


फज+ल इमाम मल्लिक : ज+ीरो रोड में दुनिया की छवियां


मरगूब अली : ख़ाक के परदे


अमरीक सिंह दीप : ईरान की खूनी क्रान्ति से सबक़


सुरेश पंडित : रास्ता इधर से भी जाता है


वेद प्रकाश : स्त्री-मुक्ति का समावेशी रूप


नगमा जावेद : जि+न्दा, जीते-जागते दर्द का एक दरिया हैः


जि+न्दा मुहावरे


आदित्य प्रचण्डिया : भारतीय संस्कृति का कथानक जीवंत अभिलेखः अक्षयवट


एम. हनीफ़ मदार : जल की व्यथा-कथा कुइयांजान के सन्दर्भ में


बन्धु कुशावर्ती : ज+ीरो रोड का सिद्धार्थ


अली अहमद फातमी : एक नई कर्बला


सगीर अशरफ : नासिरा शर्मा का कहानी संसार - एक दृष्टिकोण


प्रत्यक्षा सिंहा : संवेदनायें मील का पत्थर हैं


ज्योति सिंह : इब्ने मरियम : इंसानी मोहब्बत का पैग़ाम देती कहानियाँ


अवध बिहारी पाठक : इंसानियत के पक्ष में खड़ी इबारत - शामी काग़ज+


संजय श्रीवास्तव : मुल्क़ की असली तस्वीर यहाँ है


हसन जमाल : खुदा की वापसी : मुस्लिम-क़िरदारों की वापसी


प्रताप दीक्षित : बुतखाना : नासिरा शर्मा की पच्चीस वर्षों की


कथा यात्राा का पहला पड़ाव


वीरेन्द्र मोहन : मानवीय संवेदना और साझा संस्कृति की दुनियाः इंसानी नस्ल


रोहिताश्व : रोमांटिक अवसाद और शिल्प की जटिलता


मूलचंद सोनकर : अफ़गानिस्तान : बुज+कशी का मैदान- एक महादेश


की अभिशप्त गाथा


रामकली सराफ : स्त्रीवादी नकार के पीछे इंसानी स्वर : औरत के लिए औरत


इकरार अहमद : राष्ट्रीय एकता का यथार्थ : राष्ट्र और मुसलमान


सिद्धेश्वर सिंह : इस दुनिया के मकतलगाह में फूलों की बात


आलोक सिंह : नासिरा शर्मा का आलोचनात्मक प्रज्ञा-पराक्रम


मेराज अहमद : नासिरा शर्मा का बाल साहित्य : परिचयात्मक फलक


ग़ज+ाल जैग़म : या रब किसी का बाग-ए-तमन्ना खिज+ा न हो


साक्षात्कार


नासिरा शर्मा से मेराज अहमद और फ़ीरोज+ अहमद की बातचीत


नासिरा शर्मा से प्रेमकुमार की बातचीत

1 comment:

Anonymous said...

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