Tuesday, July 22, 2008

गांधी जी के तीन बन्दर

रजनी

अभी तक हमने केवल गांधी जी के तीन बन्दरों के बारे में सुना था जो दर्शाते थे बुरा मत कहो,बुरा मत सुनो,बुरा मत बोलो! परन्तु गांधी जी के तीन बन्दरों से अब काम नहीं चलेगा,आज के वर्तमान युग को गांधी जी के चौथे बन्दर की भी आवश्यकता है क्योंकि जब तक इन्सान बुरा सोचना नहीं छोड़ेगा तब तक इन्सान बुरा कहना,बुरा सुनना और बुरा बोलना नहीं छोड़ेगा! इन्सान की सोच पर ही उसका बोलना,कहना और सुनना निर्भर करता है!

1 comment:

seema gupta said...

परन्तु गांधी जी के तीन बन्दरों से अब काम नहीं चलेगा,आज के वर्तमान युग को गांधी जी के चौथे बन्दर की भी आवश्यकता है क्योंकि जब तक इन्सान बुरा सोचना नहीं छोड़ेगा

"really true and nicely described"