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नारी विमर्शः दशा और दिशा

पुस्तक प्रकाशित






नारी विमर्शः दशा और दिशा

स. फीरोज/शगुफ्ता





अनुक्रम

दो शब्द

मधुरेश : नारीवादी की विचार-भूमि ०९

सुरेश पण्डित : बाजार में मुक्ति तलाशती औरतें २६

शिव कुमार मिश्र : स्त्री-विमर्श में मीरा ३२

कमल किशोर श्रमि:स्त्री मुक्ति का प्रश्न ४०

मूलचन्द सोनकर : स्त्री-विमर्श के दर्पण में स्त्री का चेहरा ४५

शशि प्रभा पाण्डेय : नारीवादी लेखन : दशा और दिशा ७२

हरेराम पाठक : स्त्रीवादी लेखन : स्वरूप और सम्भावनाएँ ७९

जय प्रकाश यादव : आधुनिक समाज में नारी-मुक्ति का प्रश्न ८६

वी.के. अब्दुल जलील: स्त्री-विमर्श समकालीन हिन्दी कथा साहित्य के

संदर्भ में' ९२

जगत सिंह बिष्ट : स्त्री-विमर्श और मृणाल पाण्डे का कथा साहित्य ९६

शोभारानी श्रीवास्तव : महादेवी वर्मा का नारी विषयक दृष्टिकोण १०८

रामकली सराफ : स्त्री जीवन का यथार्थ और अन्तर्विरोध ११३

ललित शुक्ल : संवेदना और पीड़ा की चित्राकार मुक्तिकामी

रचनाकार : नासिरा शर्मा ११८

आदित्य प्रचण्डिया : हिन्दी कहानी में नारी १२५

शगुफ्ता नियाज : राजनीतिक पार्श्वभूमि और महिला उपन्यासकार १३२

उमा भट्ट : सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानियों में स्त्री १४०

रमेश शर्मा : मध्यकालीन हिन्दी भक्तिकाव्य और नारी-विमर्श

के आयाम १४८

तारिक असलम : मुस्लिम स्त्रियाँ : स्वप्न और संघर्ष १५७

फ़ीरोज खान : दुर्दशा से लड़ती मुस्लिम औरतें १६२

बजरंग बिहारी तिवारी: दलित नारीवाद की अवधारणा १६६

साक्षात्कार

नासिरा शर्मा से शीबा फहमी एवं मेराज अहमद की बातचीत १७०

मैत्रेयी पुष्पा से उजैर खाँ की बातचीत १८३

विजय लक्ष्मी से हनीफ़ मदार की बातचीत १९३

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साक्षात्कार जनसंचार का अनिवार्य अंग है। प्रत्येक जनसंचारकर्मी को समाचार से संबद्ध व्यक्तियों का साक्षात्कार लेना आना चाहिए, चाहे वह टेलीविजन-रेडियो का प्रतिनिधि हो, किसी पत्र-पत्रिका का संपादक, उपसंपादक, संवाददाता। साक्षात्कार लेना एक कला है। इस विधा को जनसंचारकर्मियों के अतिरिक्त साहित्यकारों ने भी अपनाया है। विश्व के प्रत्येक क्षेत्र में, हर भाषा में साक्षात्कार लिए जाते हैं। पत्र-पत्रिका, आकाशवाणी, दूरदर्शन, टेलीविजन के अन्य चैनलों में साक्षात्कार देखे जा सकते हैं। फोन, ई-मेल, इंटरनेट और फैक्स के माध्यम से विश्व के किसी भी स्थान से साक्षात्कार लिया जा सकता है। अंतरिक्ष में संपर्क स्थापित कर सकते हैं। पहली बार पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमति इंदिरा गांधी ने अंतरिक्ष यात्री कैप्टन राकेश शर्मा से संवाद किया था, जिसे दूरदर्शन ने प्रसारित किया था। इस विधा का दिन पर दिन प्रचलन बढ़ता जा रहा है।
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