कुछ लोगों का मानना है कि पुलिस से तगड़ा है नेटवर्क आप लोगों का। कहीं भी बच्चा पैदा होता है , तो आप लोगों को फौरन पता चल जाता है। ये कौन लोग हैं जो बताते हैं या कोई एजेंसी काम करती है ? नहीं - नहीं। न ही कोई एजेंसी काम करती है और न ही कोई नेटवर्क है बल्कि सच तो ये कि हमें पता होता कि इस घर से हमने शादी कि बधाई ली है तो हम तब से ही इस आस में रहते है कि भगवान इनको कोई तो खुशी देगा जैसे कि लड़का या लड़की का पैदा होना। तो हम किसी न किसी से पूछ ही लेते है कि भैया हमने उस घर से शादी की बधाई ली थी , क्या उनके घर में मालिक ने कोई और भी खुशी दी क्या ! मतलब लड़का - लड़की क्या हुआ उनके घर में , और शादी के बारे में हमें ये पता होता कि हम उस इलाके में हर रोज बधाई लेने जाते हैं तो किनके घर में शादी होने वाली है। इस से ज्यादा कुछ नहीं। अब अगर हम खबर नहीं रखेंगे तो कौन रखेगा , हमें रोटी ही दूसरों की खुशियों के सहारे मिलती ह...
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