Skip to main content

Posts

कथाकार ज़हूर बख्श

 

डॉ. एम. फ़ीरोज़ खान

 

मुस्लिम कथाकार कथा आलोचना

 

जनवादी कथाकार इसराइल

 

नफ़ीस आफ़रीदी

 

कथाकार ज़हूर बख्श

 

जनवादी कथाकार इसराइल

 

कथाकार इसराइल

 

Nafees Afridi

 

मुस्लिम लेखकों के हिन्दी कथा-साहित्य

  हिन्दी साहित्य के विकास-क्रम में आरम्भ से ही मुस्लिम लेखकों ने अपने योगदान की गौरवमय भूमिका का निर्वाह किया। जायसी, कुतबन, मंझन, नूर मोहम्मद, उस्मान और शेख नवी जैसे सूफी कवियों ने अपने काव्य संसार से प्रेम-मार्ग को प्रशस्त किया। रहीम-रसखान भक्ति और नीति के शीर्षस्थ कवि हुए। मुस्लिम कवियों की यह परम्परा अटूट थी। इसका आभास हमें हिन्दी काव्य-जगत में आज सशक्त मुस्लिम कवियों की काव्य-धाराओं को पर्याप्त प्रतिष्ठा तो मिली है, परन्तु मुस्लिम लेखकों की गद्य परम्परा का स्वतंत्रा रूप से कोई शोध-स्तर पर आंकलन नहीं हुआ है। खड़ी-बोली गद्य के विकास में जिन मुसलमान कृतिकारें का योगदान रहा है, उसका हिन्दवी, दक्खिनी हिन्दी और हिन्दुस्तानी के अन्तर्गत ही विवेचन हुआ है। हिन्दी गद्य का आरमथ्भक स्वरूप सर्वप्रथम हमें मुंशी इंशाअल्ला खाँ की कृति ”रानी केतकी की कहानी“ में देखने को मिलता है। यहीं से हम मुस्लिम गद्यकारों की नयी परम्परा की स्थापना मानेंगे, बल्कि हिन्दी कथा-साहित्य के निर्माण में मुस्लिम-लेखकों की संलग्नता का प्रथम सोपान भी 19वीं शती में ही माना जाएगा। ......

अदीबा इक़रा फ़ीरोज़

कथाकार तेजेन्द्र शर्मा

 

आदिवासी/adivasi

 

Adiba iqra firoz

 

वाङ्गमय पत्रिका अलीगढ़

 

Pravasi par ank

Vangmaya patrika

आदिवासी कहानियों पर

 वाङ्मय  पत्रिका का आगामी अंक आदिवासी कहानियों पर (आलोचनात्मक/समीक्षा त्मक)  केंद्रित होगा। इस हेतु आप अपना अप्रकाशित शोध आलेख 31 मार्च 2021 तक   प्रेषित कर सकते हैं।  नोट: आलेख लिखने से पहले 7007606806 व्हाट्सअप नंबर पर सूचना अवश्य दें।

प्रवासी साहित्य

 

कथाकार मेराज अहमद से फ़ीरोज़ अहमद की बातचीत-2

आप   अपनी   रचनाओं   की   पृष्ठभूमि   के   संदर्भ   में   थोड़ा - सा   बताइए।              आपको   पता   भी   है   कि   अब   तक   मेरे   तीन   कहानी - संग्रह ,  एक   उपन्यास   और   तीन   आलोचनात्मक   पुस्तक   प्रकाशित   हैं।   शोध   आलेख ,  आलेख   समीक्षाएं   और   मेरे   ब्लाग   जो   अब   साइट   में   तब्दील   हो   चुका   है   उसपर   भी   थोड़ी   सामग्री   है।   एक   उपन्यास   पर   काम   चल   रहा   हैं   हालांकि   जो   गति   होनी   चाहिए   थी   वह   है   नहीं।   जहाँ   तक   पृष्ठभूमि   का   सवाल   है   तो   मैं   ग्रामीण   पृष्ठभूमि   से   आया   हूँ ,  हा...